शहर की सफाई व्यवस्था के हाल बेहाल, नगर जनहित सुरक्षा समिति ने जताई नाराजगी


- खेड़ापति मंदिर के पास भी नालियां चोक, चैंबर ओवरफ्लो, शहर की गलियों में फैली गंदगी
- नगर जनहित सुरक्षा समिति ने जताई नाराजगी, ननि का ध्यान सिर्फ शुल्क वसूली पर
- गंदगी के साथ फैल रहा मच्छरों का प्रकोप, शहरवासी हो रहे बीमार, फागिंग मशीन का नहीं होता उपयोग



भारत सागर न्यूज/देवास। शहर में इन दिनों सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। जगह-जगह कचरे के ढेर फैले हुए हैं। नालियां ओवरफ्लो हो रही है। गंदा पानी सड़काें पर बह रहा है। मुख्य बाजार एमजी रोड पर भी ये ही हाल है। गंदगी से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। शहरवासी मच्छरजनित बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं। मच्छरों से निजात दिलाने वाली फागिंग मशीन का उपयोग भी नहीं हो रहा है।



नगर जनहित सुरक्षा समिति ने शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर जिम्मेदारों पर नाराजगी जाहिर की है। समिति सदस्यों का कहना है, कि पिछले कुछ महीने से शहर की सफाई व्यवस्था में जिम्मेदार लापरवाही बरत रहे हैं। गंदगी व कचरे के ढेर जगह-जगह फैले हुए हैं। शहर के व्यवस्तम मार्ग एमजी रोड पर भी व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल है। एमजी रोड पर खेड़ापति मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर के बाहर ही नाली चोक हो रही है। शंकरजी की मूर्ति के पास खुला चैंबर है, जिसे ना तो ढंका गया है और ना ही साफ किया है। इसकी बदबू वातावरण में फैल रही है। 



गंदगी फैली होने से मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही है। एमजी रोड सहित विभिन्न कॉलोनियों में घरों के पीछे वाली गलियाें में भी सफाई नहीं हो रही है। गलियों में गंदगी फैली हुई है, गंदा पानी बह रहा है। कई जगह चैंबर भी खुले हैं। मल्हार स्मृति उद्यान से लगे एबी रोड पर चैंबर खुले हैं और गंदगी से भरे हुए हैं। कॉलोनियों में जहां प्लाट है, उन्हें भी कचरा पेटी बनाया हुआ है। कचरा वाहन के लिए नगर निगम सख्ती के साथ मासिक शुल्क वसूलता है, लेकिन कचरा वाहन महीने में कई-कई दिन तक छुट्टी पर रहते हैं।






तुलना इंदौर से करते हैं-


समिति के अनिलसिंह बैस ने बताया, कि हमने कई बार नगर निगम के जवाबदार अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन उन्होंने इस ओर ध्यान नहीं दिया। ननि का ध्यान वसूली पर है, शहर की मूलभूत सुविधाओं पर नहीं। हम सफाई के मामले में इंदौर से तुलना करते हैं। नंबर वन की दौड़ में शामिल होना चाहते हैं, लेकिन इस प्रकार की अव्यवस्था से कैसे नंबर वन आ सकते हैं। जिम्मेदारों काे ना तो देवास शहर की प्रतिष्ठा का ख्याल है और ना ही यहां के नागरिकों के स्वास्थ्य का। समिति के विनोदसिंह गौड़, सुनीलसिंह ठाकुर, विजयसिंह तंवर, सुभाष वर्मा, तकीउद्दीन काजी, आलोक दुबे, सुरेश रायकवार, कमलेश सांगते आदि ने शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार की मांग की है।













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